उन्नाव कलेक्ट्रेक्ट पर धरने पर बैठे कांग्रेसी, ‘चुनाव आयोग मुर्दाबाद’ के नारों से गूंजा निर्वाचन कार्यालय परिसर
जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र कुशवाहा के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेक्ट और डीएम कार्यालय के सामने किया जोरदार प्रदर्शन
उन्नाव, 28 सितंबर 2026 उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (UPCC) के आह्वान पर आज जिला कांग्रेस कमेटी, उन्नाव के तत्वावधान में देश में लोकतंत्र की रक्षा और “वोट चोरी” के गंभीर खुलासों के विरोध में एक विशाल विरोध मार्च निकाला गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच भारी तीखी झड़प देखने को मिली।
पुलिस से जोरदार झड़प, पुतला दहन का प्रयास
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, आज 12.00 बजे सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता जिला कांग्रेस कार्यालय पर एकत्रित हुए। यहाँ से जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र कुशवाहा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने हरदोई पुल,बड़ा चौराहा, कचेहरी से कलेक्ट्रेक्ट की ओर कूच किया। जैसे ही प्रदर्शनकारी बड़ा चौराहा पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन करने के लिए आगे बढ़े, पुलिस बल ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस और जोरदार झड़प हुई। पुलिस ने बलपूर्वक पुतले को अपने कब्जे में लेने की कोशिश की, जिससे मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
कांग्रेसियों ने सड़क जाम कर लगाए ‘चुनाव आयोग मुर्दाबाद’ के नारे
पुलिस की कार्रवाई से आक्रोशित कांग्रेसी कार्यकर्ता उन्नाव के निर्वाचन कार्यालय के ठीक सामने सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम कर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पूरा परिसर ‘चुनाव आयोग मुर्दाबाद’ और ‘लोकतंत्र की हत्या बंद करो’ के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। इसके बाद प्रदर्शनकारी जिलाधिकारी कर कार्यालय के सामने पहुंचे और वहां भी अपना कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए धरना प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन कारियों को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र कुशवाहा ने कहा, “आज देश में संवैधानिक संस्थाओं का खुलेआम दुरुपयोग हो रहा है। ‘वोट चोरी’ के खुलासों ने साबित कर दिया है कि जनता के मतों को सुरक्षित रखने में चुनाव आयोग पूरी तरह विफल रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के रहते निष्पक्ष चुनाव की कल्पना नहीं की जा सकती।
पुलिसिया दमन के बल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। जब तक लोकतंत्र सुरक्षित नहीं हो जाता, हमारा यह संघर्ष सड़कों से लेकर संसद तक जारी रहेगा।”
इस विरोध मार्च और प्रदर्शन में मधू रावत, जंग बहादुर सिंह, चंद्र प्रकाश शुक्ला, हनुमंत सिंह, विश्वास निगम फैज फ़ारुकी, दिनेश शुक्ला शिवम अवस्थी, सुयश बाजपाई, आशीष त्रिपाठी, शंकर लाल गौतम बीडी कठेरिया, आशुतोष मिश्रा, युसुफ फारूकी, गुलज़ार, सहित सैकड़ो कांग्रेसजन मौजूद रहे।
